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अद्यतन सामयिक घटनाओं को नियमित रूप से पढ़ें (Read updated Current affairs regularly)

Read updated Current Affairs (अद्यतन सामयिकी)| Develop India Group

Relevant & Updated Current Affairs (अद्यतन सामयिकी)

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वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के ग्लोबल ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स (वैश्विक मानव पूंजी सूचकांक) में 130 देशों की लिस्ट में भारत 103वें स्थान पर है। ये रैंक ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, साउथ अफ्रीका) में भी सबसे नीचे है। नॉर्वे इस लिस्ट में टॉप पर है। ये इंडेक्स इस बात का संकेत होता है कि कौन-सा देश अपने लोगों के डेवलपमेंट, उनकी टीचिंग- ट्रेनिंग और टैलेंट के इस्तेमाल में कितना आगे है।

इस बार की लिस्ट में नॉर्वे ने टॉप पर जगह बनाई है और इस देश ने पिछले बार के टॉप पर बरकरार फिनलैंड को इस बार दूसरे स्थान पर धकेल दिया है।

जेनेवा के डब्ल्यूईएफ (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) की रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इम्प्लॉयमेंट में जेंडर गैप के मामले में भी भारत दुनिया में सबसे पीछे है। हालांकि फ्यूचर के लिए जरूरी स्किल्स के डेवलपमेंट के मामले में भारत की स्थिति बेहतर है और इस मामले में 130 देशों के बीच इसकी रैंक 65 है। फोरम ने पिछले साल की अपनी रिपोर्ट में भारत को 105वीं रैंक दी थी और कहा था कि यह देश अपनी ह्यूमन कैपिटल की संभावनाओं का सिर्फ 57% ही इस्तेमाल कर पा रहा है। उस लिस्ट में फिनलैंड टॉप पर था। WEF की लिस्ट किसी देश के लोगों की नॉलेज और स्किल के आधार पर तैयार होती है, ये ग्लोबल इकोनॉमिक सिस्टम में उस देश की वैल्यू को बताती है और उसकी ह्यूमन कैपिटल रैंक तय करती है।

WEF के मुताबिक इस साल की लिस्ट में ब्रिक्स देशों में रूस सबसे आगे है। उसे 16वीं रैंक मिली है। चीन को 34वीं, ब्राजील को 77वीं और साउथ अफ्रीका को 87वीं रैंक हासिल हुई है। नई लिस्ट में शामिल साउथ एशिया के देशों में भारत, श्रीलंका और नेपाल से पीछे है, लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश से आगे है। ह्यूमन कैपिटल इंडेक्स में भारत के पीछे रह जाने की रिपोर्ट में कई वजहें बताई गई हैं। मसलन- एजुकेशन की फील्ड में पिछड़ना और ह्यूमन कैपिटल का कम फैलाव होना। WEF के मुताबिक इसका मतलब है कि भारत में अवलेबल स्किल का बेहतर इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।