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अद्यतन सामयिक घटनाओं को नियमित रूप से पढ़ें (Read updated Current affairs regularly)

Read updated Current Affairs (अद्यतन सामयिकी)| Develop India Group

Relevant & Updated Current Affairs (अद्यतन सामयिकी)

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केंद्र सरकार के ड्रीम प्रॉजेक्‍ट 'ऊर्जा गंगा' के तहत देश की पहली गैस ग्रिड बनाने का काम विधिवत शुरू हो गया है। PM नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस होते हुए पश्चिम बंगाल के हल्दिया तक 2540 किलोमीट लंबी गैस ग्रिड से पाइप्‍ड नैचरल गैस (PNG) के साथ वाहनों के लिए CNG और फर्टिलाइजर कारखानों के लिए गैस की सप्‍लाई होगी।

गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया (GAIL) के डिप्टी जीएम एस.एन.यादव ने बताया कि इलाहाबाद के फूलपुर से बनारस और हल्दिया तक जाने वाली मेन गैस पाइप लाइन का काम शनिवार से शुरू कराया गया है। इसका सेंटर जौनपुर जिले को बनाया गया है। जौनपुर से फूलपुर और जौनपुर से बनारस तक के एरिया को दो हिस्सों में बांट एकसाथ ग्रिड की 30 इंच व्यास वाली पाइप लाइन बिछाने का काम शुरु होने से जल्‍द पूरा हो जाएगा।

अगले एक पखवाड़े के अंदर बनारस में PNG की पाइप लाइन बिछने लगेगी। बनारस-लखनऊ हाईवे के हरहुआ इलाके में सिटी गैस स्टेशन बनेगा तो शहरी इलाकों में वाहनों के लिए CNG स्टेशन खुलेंगे। मॉनिटरिंग के लिए बनारस में गेल का अस्थाई कार्यालय खोला गया है।

GAIL के डिप्टी जीएम के मुताबिक बनारस सिटी गैस स्टेशन के लिए काफी प्रयास के बाद हरहुआ में एक हेक्टेयर जमीन उपलब्ध हो गई है। इसका काम भी जल्द शुरू हो जाएगा। वाहनों को ईंधन सप्लाई के लिए तत्काल में दो CNG स्टेशन खोलने पर बातचीत चल रही है। पायलट प्रॉजेक्ट में महामना मदन मोहन मालवीय की बगिया काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और डीजल रेल इंजन कारखाना कैंपस के एक हजार घरों में PNG सप्लाई देने की तैयारी है। इसके बाद शिवपुर इलाके में घर-घर पाइल के जरिए गैस पहुंचेगी।

जगदीशपुर से बनारस होते हुए पश्चिम बंगाल के हल्दिया तक गैस ग्रिड के जरिए 'ऊर्जा गंगा' परियोजना की शुरुआत बीते दिसम्बर महीने में PM मोदी ने बनारस में की थी। सूबे में अखिलेश यादव की सरकार के दौरान पाइप लाइन व गैस स्टेशन के लिए जमीन लेने से लेकर काम शुरू करने को प्रशासन, अग्निशमन, सिंचाई समेत अन्य विभागो से एनओसी तक में बाधाओं का पहाड़ खड़ा रहा। योगी आदित्यनाथ के सीएम बनते ही समस्याएं दूर भागने से परियोजना को पंख लगे हैं।